Tuesday, January 25, 2022

सरहद के वीर

सरहद के वीर 

अगर सरहद पे तुम हो तो, 
यहां महफ़ूज़ हम सब हैं। 

ना दहशत है कोई दिल में, 
ना कोई खौफ़ है मन में। 

हमारा ताज है तुमसे,
वतन की शान है तुमसे। 

किसी का लाल बिछड़ा है, 
किसी का भाई सरहद पे। 

किसी की मांग का टीका, 
यूं झेले गोली सीने पे। 
इस कविता का यूट्यूब वीडियो देखने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें 👇
Shikha Sharma 

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