अगर सरहद पे तुम हो तो,
यहां महफ़ूज़ हम सब हैं।
ना दहशत है कोई दिल में,
ना कोई खौफ़ है मन में।
हमारा ताज है तुमसे,
वतन की शान है तुमसे।
किसी का लाल बिछड़ा है,
किसी का भाई सरहद पे।
किसी की मांग का टीका,
यूं झेले गोली सीने पे।
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Shikha Sharma
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