राखे रहियो मोरी खबरिया मोरे
राम जू धनी।
मैं मत मंद मुर्ख का जानु पाप कर्म सब ढोए,
माया मिली ना राम अंत में दोई हाथ से खोए,
के फोरो पापों की गघरीया मोरे राम जू धनी,
राखे रहियो मोरी-2
ई जादू नगरी से बचवे जीखां राम बचावे,
के जा है काज़र की कुठरीया मोरे राम जू धनी,
राखे रहियो मोरी-2
कसक कष्ठ ई तन से खेंचो रहे ना कोई आंसें,
अरे हे करुणानिधि राखे रहियो कांसे को सुर कांसे,
के करियो नट की ना बंदरिया मोरे राम जू धनी,
राखे रहियो मोरी-2
ई जग भीतर आन परों मैं इते होत शकरोंदा,
मोखां उते डार लाइयो तुम जिते होत लतरोंदा,
के तुमरे द्वारे की दहरीया मोरे राम जू धनी,
राखे रहियो मोरी-2
स्वर- पंडित चन्द्रभूषण पाठक जी
भजन श्रेणी- बुंदेली राम भजन राखे रहियो मोरी खबरिया मोरे राम जू धनी वीडियो लिंक
Awesome
ReplyDeleteWAAH WAAH SUNDER
ReplyDeleteThank-you so much sir
Delete