देश के सिपाही की अपनी बहन के लिए भावनाए
रुलाता है ना जाने क्यों,
मुझे त्यौहार राखी का,
मेरी बहना तेरा भैया,
वतन का वो सिपाही है।
कलाई मेरी सुनी,
मगर तेरा प्यार तो हेना,
तेरे इस प्यार को मैने,
मेरे दिल में सजाया है।
मै आऊं या नहीं आऊं,
नहीं पल का भरोसा है,
कफ़न सर पे ये बांधा है,
वतन के नाम जीवन है।
जो आऊंगा लौटकर मै,
निभाऊंगा मै हर वादा,
जो देदू मै शहादत तो,
ना आंसू आंख में लाना।
वो दिन बचपन के रखना याद,
लड़ना और झगड़ना वो,
वो रूठना मनाना भी,
हमेशा याद रखना तु।
Shikha Sharma
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