बुरा है जमाना
रहना है दुनिया में,
टेडे बन रहीएगा,
नहीं है जमाना,
आजकल सीधेपन का।
सीधे बन जाओगे तो,
धोके बड़े खाओगे,
दुनिया में रहकर,
जी नहीं पाओगे।
लोग दिखते हैं कुछ,
और कुछ करते हैं,
चेहरे यहां दो,
सबके ही हुआ करते हैं।
भोले मन पर सदा,
वार ये करते हैं,
मीठे बनकर बड़ा,
घाव दिया करते हैं।
ऐसे मीठेपन से,
सावधान रहिएगा,
बुरा है जमाना,
नासमझी ना करिएगा।
Shikha Sharma
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