मेरे प्यारे दादाजी
काश मैने तुमको देखा होता,
प्यार तुम्हारा भी पाया होता,
मेरे प्यारे दादाजी थोड़ा सा वक्त,
मैने साथ तुम्हारे गुज़ारा होता।
होते गर तुम साथ हमारे,
तुम भी मुझको लाड़ लड़ाते,
मै कोई जिद् करती तो,
मेरी जिद् पूरी कर देते।
मुझको जब डांटते पापा,
तुम भी डांट देते पापा को,
मिलकर हम दादा पोती,
करते शरारतें प्यारी प्यारी।
करती हुं मैं शरारतें अब भी,
दादी से भी करती ठिठोली,
होते गर तुम दादाजी,
हम मिलकर दादी को चिढ़ाते।
देखे थे मैने भी सपने,
होते गर तुम साथ हमारे,
मुझको बिठा कर कंधो पर,
मेले की तुम सैर कराते।
हो तुम जहां भी प्यारे दादाजी,
मुझको देख रहे होगे,
इतनी सी मेरी ख्वाहिश है,
आशीष तुम्हारा साथ रहे।
Shikha Sharma
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