अपनी बहना के काज तुम सवारियों, भैया हमें ना बीसारियो।
आई चंबल से बारात, रत्ना बैठी जोड़े हाथ,
तुम बिन कोन पूजहे भात।
तनक आकर के भात तो जूठारियो, भैया हमें ना बीसारियो।
जेठे भैया ने छल कीनो,भाभी से विष दिलवादीनो,
मुश्किल होगओ तुम्हरो जीनो।
ऐसे पापिन खों राम तुम्हई तारीयो,भैया हमें ना बीसारियो।
श्रेणी:बुंदेली लोकगीत
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