Friday, July 23, 2021

गुरु वंदना

 गुरु वंदना

है नमन मेरा उन गुरु चरणन में,
जिसने हमको ज्ञान दिया,
               अंधकार मय इस जीवन को,
                उजयारे का दान दिया।

हमसे ज्यादा हमको जाना,
प्रतिभा को निखार दिया,
                अंधकार मय इस जीवन को,
                 उजयारे का दान दिया।

अनुशासन का पाठ पढ़ाकर,
जीवन का आधार दिया,
                     अंधकार मय इस जीवन को,
                      उजयारे का दान दिया।

लक्ष्य हमारा कैसे हम साधे,
इसका हमको ज्ञान दिया,
                    अंधकार मय इस जीवन को,
                     उजयारे का दान दिया।

कभी क्रोध किया तुमने तो,
कभी लाड़ दुलार किया,
                   अंधकार मय इस जीवन को,
                    उजयारे का दान दिया।

गुरु बिना तो ये जीवन बस,
केवल कोरा कागज़ है,
                 धन्य धन्य है गुरु जो तुमने,
                  शब्दों का निर्माण किया।



आज गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर
में अपनी गुरु को बहुत बहुत धन्यवाद 
करती हुं मेम अगर आप नहीं होते तो 
शायद में अपने आप को नहीं पहचान 
पाती काश मेरी ये कविता आप तक 
पहुंच जाए तो मेरा ये कविता लिखना
सफल होजाएगा आज में जो कुछ भी हुं
सिर्फ आपकी वजह से ही हुं।
Thankyou so much for everything
 tapasum mam

आप सभी को मेरी तरफ से गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं
Shikha Sharma


             

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